Hindi

     Vision (दृष्टि)  NEP 2020 के अनुसार


हिंदी विभाग की दृष्टि यह है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भाषा, साहित्य, संस्कृति और ज्ञान-परंपरा के माध्यम से विद्यार्थियों में समग्र व्यक्तित्व का विकास किया जाए। विभाग का लक्ष्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो हिंदी भाषा एवं साहित्य के इतिहास, परंपरा और आधुनिक प्रवृत्तियों की गहरी समझ रखते हों, आलोचनात्मक सोच विकसित कर सकें, और अपने विचारों को मौखिक एवं लिखित रूप में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। साथ ही विभाग विद्यार्थियों में शोध-दृष्टि, साहित्यिक संवेदनशीलता, सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्य, तथा डिजिटल युग में हिंदी के उपयोग की क्षमता विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे शिक्षा, प्रशासन, मीडिया, अनुवाद, लेखन, शोध और रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों में सक्षम नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।
हिंदी विभाग विद्यार्थियों को भाषा और साहित्य की व्यापक समझ देकर उन्हें विचारशील, संवेदनशील, सृजनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। हमारा उद्देश्य भारतीय ज्ञान-परंपरा, लोक-संस्कृति, साहित्यिक मूल्यों तथा आधुनिक समाज की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी शिक्षा प्रदान करना है, जिससे विद्यार्थी साहित्य का रसास्वादन, समालोचनात्मक चिंतन, संवाद-कौशल, लेखन-कौशल और शोध-प्रवृत्ति विकसित कर सकें। विभाग यह भी चाहता है कि विद्यार्थी आधुनिक तकनीक, मीडिया और रोजगार की बदलती दुनिया में हिंदी की उपयोगिता को समझें तथा आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता के साथ अपने जीवन में प्रगति कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भाषा, साहित्य और संस्कृति की समन्वित दृष्टि के माध्यम से गुणवत्ता-आधारित शिक्षण, शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। विभाग का लक्ष्य विद्यार्थियों में भाषिक दक्षता, साहित्यिक विवेक, आलोचनात्मक दृष्टि, शोध-क्षमता, मानवीय मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना है। साथ ही विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि विद्यार्थी भारतीय ज्ञान-परंपरा, लोक-जीवन, आधुनिक विमर्श, तकनीकी विकास और वैश्विक संदर्भों में हिंदी भाषा की भूमिका को समझते हुए शिक्षा, मीडिया, प्रशासन, अनुवाद, रचनात्मक लेखन एवं उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में सक्षम, रोजगारोन्मुख और आत्मनिर्भर बन सकें।

                                                                                                                                             
 Mission

हिंदी विभाग का मिशन विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य का व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और मूल्यांकन परक ज्ञान प्रदान करना है, ताकि उनमें भाषिक दक्षता, साहित्यिक संवेदनशीलता, आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मक अभिव्यक्ति तथा शोध-दृष्टि का विकास हो सके। विभाग भारतीय ज्ञान-परंपरा, लोक-साहित्य, आधुनिक साहित्य, समकालीन विमर्श तथा सामाजिक-जीवन के विविध पक्षों से विद्यार्थियों को जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही विभाग आधुनिक तकनीक, डिजिटल माध्यम, संप्रेषण कौशल, अनुवाद, मीडिया तथा रोजगारोन्मुख क्षमताओं को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना चाहता है। 

1. विद्यार्थियों को हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति का समग्र ज्ञान प्रदान करना।

2. मौखिक एवं लिखित अभिव्यक्ति, संवाद-कौशल और लेखन-कौशल का विकास करना।

3. भारतीय ज्ञान-परंपरा, लोक-साहित्य और समकालीन साहित्य से विद्यार्थियों को जोड़ना।

4. आलोचनात्मक चिंतन, तर्कशक्ति और साहित्यिक विवेक विकसित करना।

5. शोध, परियोजना कार्य और नवाचार के माध्यम से शोध-दृष्टि को प्रोत्साहित करना।

6. नैतिक मूल्य, मानवीय संवेदना, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय चेतना का विकास करना।

7. डिजिटल युग में हिंदी के उपयोग, तकनीकी साधनों और मीडिया साक्षरता को बढ़ावा देना।

8. रोजगारोन्मुख कौशल (अनुवाद, पत्रकारिता, कंटेंट लेखन, शिक्षण आदि) विकसित करना।

9. विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन हेतु मार्गदर्शन देना।

10. गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, सतत मूल्यांकन और अकादमिक उत्कृष्टता सुनिश्चित करना।